अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव का दायरा बढ़कर बहरीन, जॉर्डन, इराक और कुवैत तक पहुंच गया है। ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमलों का दावा किया है, जबकि अमेरिका ने ईरानी तटीय शहरों में नए हमले किए।
यह एक महीने से अधिक समय में दोनों देशों के बीच सबसे भारी गोलीबारी बताई जा रही है। हमलों के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही और ऊर्जा कीमतों को लेकर चिंता बढ़ी है।
ईरान के जवाबी हमलों का दावा
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा कि उसने जॉर्डन के पास अमेरिकी मरीन कॉर्प्स के कैंप टिटिन पर बैलिस्टिक मिसाइल दागी। यह कार्रवाई ईरान के अनुसार कुहेस्तक में एक घर पर हुए अमेरिकी हमले के जवाब में की गई।
ईरानी मीडिया के मुताबिक, उस हमले में परिवार विवाह समारोह के लिए जुटे थे। कम से कम 5 लोगों की मौत हुई, जिनमें एक बच्चा भी शामिल था, जबकि 63 लोग घायल हुए। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माइल बघई ने इस हमले को “क्रूर” बताया।
IRGC ने जॉर्डन के प्रिंस हसन एयरबेस पर भी हमले का दावा किया। उसके मुताबिक, वहां अमेरिकी RQ-4 और MQ-9 ड्रोन रखने वाले हैंगर निशाने पर थे। ईरानी पक्ष ने कई विमानों के नष्ट होने और कुछ अमेरिकी कर्मियों के मारे जाने की बात कही है।
जॉर्डन की सेना ने कहा कि उसके क्षेत्र की ओर दागी गई 13 मिसाइलों में से 10 को रोक लिया गया। बाकी मिसाइलें खुले इलाकों में गिरीं। एक अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, कैंप टिटिन में किसी के घायल होने या बड़ी क्षति की जानकारी नहीं है।
बहरीन और इराक भी निशाने पर
ईरानी सेना ने बहरीन के शेख ईसा एयरबेस के रडार ठिकानों और उसके कुछ हिस्सों पर ड्रोन हमले का दावा किया। ईरान का कहना है कि वहां अमेरिकी बल तैनात हैं। बहरीन के गृह मंत्रालय ने लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने के लिए कई बार अलर्ट जारी किया।
IRGC ने उत्तरी इराक के एरबिल प्रांत में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले का भी दावा किया। ईरानी संगठन के अनुसार, इन हमलों में मरम्मत केंद्र और तकनीकी सामान के गोदाम नष्ट हुए तथा ईंधन टैंकों में आग लगी। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
कुवैत ने कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणालियां “दुश्मन ड्रोन और मिसाइलों” से निपट रही हैं। कुवैती अधिकारियों ने इन हमलों को ईरानी “आक्रामकता” से जोड़ा। क्षेत्र में नुकसान की पूरी स्वतंत्र तस्वीर अभी स्पष्ट नहीं है।
अमेरिका ने किन ठिकानों पर हमला किया
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि उसने ईरानी सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई की। अमेरिकी बयान के अनुसार, यह कदम IRGC की ओर से अमेरिकी सैनिकों और होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों पर हमले की कोशिश के बाद उठाया गया।
अमेरिका ने जिन लक्ष्यों का उल्लेख किया, उनमें वायु रक्षा ठिकाने, रडार सिस्टम, समुद्री संसाधन, बारूदी सुरंग बिछाने की क्षमता और संचार ढांचा शामिल हैं। ईरानी मीडिया ने सिरिक, कोनारक, बंदर अब्बास, जास्क, असालुयेह और अहवाज के अलावा किश्म द्वीप पर हमलों की खबर दी।
ईरान के खाटम अल-अनबिया केंद्रीय मुख्यालय के प्रवक्ता कर्नल इब्राहिम जोल्फघारी ने कहा कि अमेरिका के खिलाफ हमले जारी रहेंगे। ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने भी कहा कि उसकी सशस्त्र सेनाएं वॉशिंगटन के लिए “यादगार सबक” रखती हैं।
ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि इन “अपराधों” को सजा नहीं मिलेगी, ऐसा समझना गलती होगी।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ा दबाव
दोनों पक्षों के बीच तनाव का सीधा असर होर्मुज जलडमरूमध्य पर पड़ रहा है। इस जलमार्ग के आसपास जहाजों पर लगभग रोजाना हमलों की खबरें सामने आ रही हैं। ईरान जलमार्ग पर अपना नियंत्रण जताता रहा है और अमेरिका का कहना है कि वह वहां से रोजाना लाखों बैरल तेल निकालने में कामयाब है।
हमलों के बाद ऊर्जा बाजार में तेज हलचल हुई। मंगलवार को कच्चे तेल की कीमत में 4 प्रतिशत से अधिक की उछाल आई। अमेरिका में पेट्रोल की औसत कीमत एक गैलन, यानी 3.8 लीटर, के लिए अब $4 से अधिक हो गई है। युद्ध से पहले यह कीमत $3 से कम थी।
अमेरिकी विदेश विभाग ने मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी नागरिकों से सतर्क रहने और यात्रा में रुकावटों के लिए तैयार रहने को कहा। विभाग ने हालात के अप्रत्याशित रूप से बिगड़ने की आशंका जताई।
हमलों का सिलसिला कैसे बढ़ा
बुधवार की कार्रवाई से पहले रविवार को अमेरिका ने दक्षिणी ईरान के लारक द्वीप पर हमला किया था। इसके जवाब में ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों वाले एक अड्डे पर मिसाइलें दागी थीं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान ने जवाब दिया तो उस पर पहले से “कहीं अधिक कठिन और ऊंचे स्तर” पर हमला किया जाएगा। उन्होंने हालिया अमेरिकी हमलों को “बड़ा और शक्तिशाली” बताया तथा कहा कि हमले जारी रहने पर ईरान देश के रूप में “पूरी तरह मिटा दिया जाएगा।”
ट्रंप फरवरी में इजरायल के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से ऐसी चेतावनियां कई बार दे चुके हैं। ईरानी अधिकारियों के नए बयानों से संकेत मिलता है कि जवाबी कार्रवाई की चेतावनी अभी जारी है।
निष्कर्ष
अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष अब ईरान से बाहर कई सैन्य ठिकानों और खाड़ी देशों की सुरक्षा तक फैल गया है। मिसाइल, ड्रोन, जहाजों और ऊर्जा कीमतों से जुड़े घटनाक्रम पर क्षेत्रीय स्थिति की निगरानी बनी हुई है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. ईरान ने किन देशों में अमेरिकी ठिकानों पर हमले का दावा किया?
ईरान ने बहरीन, जॉर्डन और इराक में अमेरिकी ठिकानों पर हमले का दावा किया। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
Q. जॉर्डन ने कितनी मिसाइलें रोकीं?
जॉर्डन की सेना के अनुसार, उसने 13 में से 10 मिसाइलों को रोक लिया। बाकी खुले इलाकों में गिरीं।
Q. कुहेस्तक हमले में कितने लोग मारे गए?
ईरानी मीडिया के अनुसार, हमले में कम से कम 5 लोगों की मौत हुई और 63 लोग घायल हुए।
Q. अमेरिका ने ईरान में किन क्षमताओं को निशाना बनाया?
अमेरिका ने वायु रक्षा, रडार, समुद्री संसाधन, माइन बिछाने की क्षमता और संचार ढांचे को लक्ष्यों में शामिल बताया।
Q. होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों अहम है?
यहां जहाजों पर लगभग रोजाना हमलों की खबरें हैं और ईरान जलमार्ग पर अपना नियंत्रण जताता है।
Q. हमलों का तेल की कीमत पर क्या असर पड़ा?
मंगलवार को तेल की कीमत 4 प्रतिशत से अधिक बढ़ी। अमेरिका में पेट्रोल एक गैलन के लिए $4 से अधिक हो गया।
Q. अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए क्या कहा?
अमेरिकी विदेश विभाग ने मध्य पूर्व में मौजूद नागरिकों से सतर्क रहने और यात्रा में रुकावटों के लिए तैयार रहने को कहा।
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